Home Hindi एक बार फिर अन्ना हजारे ने भरी हुंकार

एक बार फिर अन्ना हजारे ने भरी हुंकार

मुंबई मुंबई के छोटे से गांव से तालुकात रखने वाला एक ऐसा व्यक्ति यो आधुनिक आंदोलन के जनक कहे जाते हैं इनके आंदोलन के बदौलत ही आज दिल्ली सरकार का मुखिया अपने पद पर का काबीज है अरविंद केजरीवाल अन्ना आंदोलन से ही निकले हुए हैं कुमार विश्वास गोपाल कुमार मनीष सिसोदिया यह सभी व नेता है जिन्हें अन्ना आंदोलन ने जन्म दिया |

आप यह सोच रहे हैं कि मैं यहां इन सब चीजों का नाम का जिक्र क्यों कर रहे हैं तो चलिए आपको कुछ पिछले 5 साल पीछे ले चलते है जब कांग्रेस की सरकार अपने भ्रष्टाचार की चरम सीमा पर चल रही थी जगह-जगह लूटमार बलात्कार तभी आम हो गई थी तब एक आंदोलन ने जन्म लिया लोकपाल की नियुक्ति के लिए यह आंदोलन चल रहा था और इसका नेतृत्व करता श्री अन्ना हजारे थे उस समय य आंदोलन बहुत मीडिया और सुर्खियों में रहा अन्ना हजारे रातों-रात मीडिया के डार्लिंग बन गए और देशवासियों के एक नेतृत्व कर्ता के रूप में उभरने लगे कांग्रेस की सरकार ने अपने तमाम तरह के हथकंडे अपनाकर इस आंदोलन को असफल बनाने की हर नायाब तरकीब साजिश रची गई और कुछ हद तक व कांग्रेसी सफल भी हुए इन्हीं आंदोलन में से प् केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया आलम यह हुआ कि कांग्रेस की सरकार चली गई और इसका कुछ हिस्सेदारी अन्ना हजारे को भी जाता मोदी सरकार एक नई सरकार आई लोगों को एक नई किरण नई उम्मीद की रेखा जगी शायद अन्ना हजारे को भी लगा कि लोकपाल की नियुक्ति हो जाएगी परंतु मोदी सरकार ने भी नहीं इन्हें निराश किया फल स्वरूप बीच बीच में दो बार इन्होंने आंदोलन दिल्ली के रामलीला मैदान में किया परंतु उस व्यापक स्तर तक जनता का जनसमर्थन इन्हें नहीं मिला और यह आंदोलन बीच में ही असफल हो गया क्योंकि जनता में मोदी सरकार के प्रति इतना रोष नहीं था जितना कांग्रेस के समय हुआ करती थी अब खबर यह आ रही है कि अन्ना हजारे अपने गांव में ही एक बार पुणे मोदी सरकार के विरुद्ध बिगुल फुकने ने वाली है और इस बार उन्होंने तमाम राजनीतिक पार्टियों को इनकी आंदोलन से दूर रखने की सख्त हिदायत दी गई है यह तो भविष्य बताएगा इस बार भी इनके गांव से किया गया आंदोलन कितना हद तक सफल होता है | जय हिंद!