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कर्जमाफी एक छलावा.. कांग्रेस

मध्यप्रदेश में कांग्रेस का बनवास करीब 15 वर्ष के बाद खत्म हुआ कांग्रेस करीब 15 वर्ष के बाद सत्ता में आई मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने जनता के सामने ढेरों वादे किए थे उनमें एक किसानों का कर्ज माफी भी था उस वादों में कांग्रेस के मेनिफेस्टो में कहा गया था कि सरकार बनते के भीतर 15 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और उस मध्य प्रदेश के मुखिया बने कमलनाथ लेकिन सरकार गठन के बाद कमलनाथ ने एक ट्रैफिक जनता को चलने का और ठगने का काम किया है कर्ज माफी के नाम पर सिर्फ एक भद्दा मजाक है |

किसी व्यक्ति का कर्ज माफ ₹527 और किसी व्यक्ति का कर्ज माफ ₹2000 हो रहा है क्या 527 और ₹2000 से किसानों की खस्ता हाल बेहाल हो जाएंगे लगभग 2 राजनीतिक पार्टी का हाल यही है वह चुनाव में आने से पहले जनता से हुआ तमाम बड़े बड़े वादे कर देते हैं और चुनाव जीतने के बाद उन बयानों और उन वादों से पलट जाते हैं मध्य प्रदेश में जिस तरह कांग्रेस ने जनता से वादा किया था वह उनके कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं क्यों ना एक कानून बन जाए कि अगर राजनीतिक पार्टी जनता से जो वादा करते हैं या जो मेनिफेस्टो में डालते हैं उसे सरकार गठन के बाद हर हाल में लागू किया जाए ताकि कोई कानून बन जाती है तो भविष्य में कोई पार्टी कम से कम जनता के साथ भद्दा मजाक करने से पहले सौ बार सोचे गी यही हाल बीजेपी का था जिन्होंने ₹1500000 जनता के अकाउंट में डालने का वादा किया था और बाद में उसे जुमला करार दिया गया अच्छा दिन का नारा देकर अब तरह-तरह की बातें बताकर अपने वादों से छुटकारा चाह रहे हैं कुछ इसी तरह का हाल दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ओं का था जिन्होंने चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टी को भ्रष्ट का तिथि सरकारी सुविधा नहीं लेने का वादा किया था शीला दीक्षित को जेल भेजने का वादा किया था और बाद में कांग्रेस को ही समर्थन देने के विचार कर रही है एक ऐसा शख्स सत्ता में बने ताकि इन राजनीतिक पार्टियों को अपने बयानों से पलटने में 100 बार सोचना पड़े |

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